Monday, December 2, 2024

नहीं चलेगा सिर्फ कांग्रेस का पर्चा, संसद में होगी चर्चा ?

कल संभल पर चर्चा से संसद की शुरुआत, आगे बनेगी बात ?

संसद में राहुल का 'एजेंडा' मानने से INDIA अलायंस की ना ?

संसद से 'दौड़ा-दौड़ा, भागा-भागा सा...' कौन ?

संसद में देश की आवाज कौन दबा रहा ?

........................


अब देश की संसद चलेगी ये खबर आ गई है।


अब ये खबर आ गई है कि शोर में दबकर संसद ठप नहीं होगी।


अब ये खबर आ गई है कि कोई एक एजेंडा इस संसद सत्र को बर्बाद नहीं होने देगा। 


25 नवंबर को 18वीं लोकसभा में संसद के पहले शीत सत्र की शुरुआत हुई लेकिन अब जाकर उम्मीद बंधी है कि 3 दिसंबर से चर्चा की शुरुआत होगी।


लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के साथ सभी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में तय हुआ है कि कल सबसे पहले संभल मामला उठेगा। समाजवादी पार्टी इसे उठाएगी। इसके बाद TMC बांग्लादेश का मुद्दा उठाएगी।


आपको बता दूं कि जब संसद सत्र शुरू हुआ तब कांग्रेस ने अडानी का नाम लेकर हंगामा शुरू किया था। और अबतक कांग्रेस का यही एजेंडा बाकी मुद्दों पर हावी था।


सिर्फ 26 नवंबर को संविधान दिवस पर ज्वाइंट पार्लियामेंट चली, बाकी दिन हंगामों ने संसद को चलने नहीं दिया।


सवाल पब्लिक का है कि क्या संसद का एजेंडा तय करने में कांग्रेस खुद INDIA अलायंस में ही अलग-थलग पड़ गई ?


यहां TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार का एक अहम बयान बताती हूं -


" हम चाहते हैं कि संसद ठीक से चले। सिर्फ एक मुद्दे पर संसद को ठप करना हमारा तरीका नहीं। हम कई मोर्चों पर सरकार को जिम्मेदार ठहराएंगे।"


इस बीच जब संसद चलाने के लिए सहमति बनती दिख रही है तो कांग्रेस ने ये बताने की कोशिश की है कि गतिरोध के लिए सरकार जिम्मेदार थी।


कांग्रेस ने एक मीम साझा किया -


जिसमें प्रधानमंत्री को अडानी, मणिपुर, अर्थव्यवस्था, महंगाई, बंटवारे की पॉलिटिक्स जैसे मुद्दों से भागता हुआ दिखाया जा रहा है।


इस मीम पर कांग्रेस ने कैप्शन दिया है - 

'दौड़ा-दौड़ा, भागा-भागा सा...'


इस बीच कल से संसद की रणनीति तय करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर कांग्रेस की बैठक हुई है।


सवाल पब्लिक का है कि क्या वाकई संसद का डेडलॉक टूट गया है ?


क्या संसद में सिर्फ राहुल गांधी का 'एजेंडा' मानने से INDIA अलायंस ने इनकार कर दिया है ?


संसद से 'दौड़ा-दौड़ा, भागा-भागा सा...' कौन ?


सवाल पब्लिक का आज यही है।


TAKE STING

.............


ANCHOR 1


हाल के वर्षों में ये कोई पहला संसद सत्र नहीं जिसका अहम समय हंगामों में बर्बाद हुआ हो।


पिछली लोकसभा से ही कांग्रेस अडानी और मणिपुर को लेकर बेहद आक्रामक रही है।


ये पार्टी का अधिकार है कि वो इन मुद्दों को संसद में उठाए, लेकिन देखा ये गया है कि इन दोनों विषयों पर सत्ता पक्ष से आए जवाबों के बावजूद 

संसद में राहुल गांधी का ये एजेंडा विपक्ष के ही अन्य मुद्दों पर भारी पड़ा।


खुद कांग्रेस बता रही है कि मौजूदा संसद सत्र में अबतक सिर्फ 61 मिनट लोकसभा चली है और 89 मिनट राज्यसभा चली है।


आज ही विदेश मंत्री एस जयशंकर को भारत-चीन संबंधों पर बोलना था और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बैंकिंग लॉ संशोधन बिल पेश करना था। लेकिन संसद ठप होने से ऐसा नहीं हो सका।


इस बीच जब कल से संसद चलने पर सहमति बनी है तो देखिए TMC और समाजवादी पार्टी के तेवर क्या है ?


TAKE KALYAN BANERJEE BITE

TAKE DHARMENDRA YADAV BITE


..........


ANCHOR 2


जब कल से संसद चलने की सहमति बनी है तो लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के साथ फ्लोर लीडर्स की बैठक में ये भी फैसला हुआ कि संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर 13 और 14 दिसंबर को लोकसभा जबकि 16 और 17 दिसंबर को राज्यसभा में इस पर विशेष चर्चा होगी।


लेकिन आज कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसका क्रेडिट लेने की कोशिश की।


जयराम रमेश ने सोशल मीडिया X पर लिखा -


" लोकसभा में विपक्ष के नेता ने 26 नवंबर को अध्यक्ष को पत्र लिखकर संविधान पर दो दिवसीय विशेष चर्चा का अनुरोध किया था। राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने भी उस दिन सभापति को ऐसा ही पत्र लिखा था।


छह दिन बाद इस अनुरोध को मोदी सरकार ने स्वीकार किया है और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और INDIA की अन्य पार्टियों के अनुरोध के अनुसार चर्चा की तारीखों की घोषणा की गई है।


आशा है अब मोदी सरकार कल से दोनों सदनों को चलने देगी।"


सवाल है कि क्या संसद में रोज-रोज हंगामे से विपक्ष खासकर कांग्रेस का संविधान बचाओ वाले नैरेटिव पर पानी फिर रहा था, इसलिए संसद कल से चलाने को लेकर विपक्ष राजी हुआ है।


इस बीच कांग्रेस ये सफाइयां दे रही है कि संसद उसकी वजह से ठप नहीं पड़ी थी।


TAKE MANIKAM TAGORE BITE    


..............


ANCHOR 3


वैसे जब अभी संसद सही से चले, यही सबसे बड़ा concern है, तो उधर संसद के कुछ सत्र दिल्ली से बाहर दक्षिण के राज्यों में कराने के भी सुर उठे हैं।


YSR कांग्रेस के सांसद एम गुरुमूर्ति ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को चिट्ठी लिखकर दिल्ली की भीषण गर्मी और खराब हवा का हवाला देकर दक्षिण के किसी शहर में दो संसद सत्र कराने की मांग की है।


कांग्रेस के सांसद कार्ति चिदंबरम इस मांग का समर्थन कर रहे हैं।


TAKE KARTI BITE


................

सवाल पब्लिक का


1- क्या INDIA अलायंस ने सिर्फ राहुल का एजेंडा मानने से इनकार किया इसीलिए संसद चलाने पर सहमति बनी ?


2- संभल और बांग्लादेश के मुद्दे उठाने और संविधान पर विशेष चर्चा पर सहमति से संसद का गतिरोध पूरी तरह टूटा है ?

 

3- क्या संसद का एक या दो सत्र दक्षिण में कराने की मांग से संसद में नया हंगामा खड़ा होगा ?

............


No comments:

Post a Comment