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अमृतपाल याद है न ? वही खालिस्तानी अमृतपाल..जो असम की जेल में था । वही अमृतपाल जो जेल से चुनाव जीत गया है । इसे लोकतंत्र का दुर्भाग्य कहें या सौभाग्य लेकिन फैक्ट तो यही है । लेकिन कहानी ये नहीं है । कहानी आज बिल्कुल दूसरी है । कहानी बिल्कुल नई है । कहानी ये है कि आज ये पता चल गया कि ये अमृतपाल किसके बूते उछल रहा था । या कह लें कि उछल रहा है । आज अमृतपाल का बैकअप पता चल गया । वो भी देश की संसद में । सवाल पब्लिक का में आज की तीसरी Exclusive स्टोरी ।
वीओ 1 -
(बाइट - चरणजीत सिंह चन्नी
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20 लाख लोगों द्वारा चुना गया MP उसे NSA लगाकर अंदर रखा हुआ है ये भी इमरजेंसी है)
देश में अघोषित इमरजेंसी के लिजलिजे नैरेटिव पर नरेंद्र मोदी को घेरने की ये कैसी छटपटाहट है ?
राहुल गांधीवादी क्या इस स्तर पर उतर आएंगे कि खालिस्तानी होने के गंभीर आरोपों में घिरे व्यक्ति को लोकतंत्र के मंदिर में यूं ही क्लीन चिट देने लगेंगे ?
हां...अमृतपाल सिंह पंजाब के खडूर साहिब से लोकसभा का चुनाव जीतकर आया है...
तो क्या उस पर लगे आरोपों को चरणजीत सिंह चन्नी के सियासी चुटकुलों से खत्म हुआ मान लिया जाए ?
(बाइट - चरणजीत सिंह चन्नी
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20 लाख लोगों द्वारा चुना गया MP उसे NSA लगाकर अंदर रखा हुआ है ये भी इमरजेंसी है)
वीओ 2 -
देश में कौन भूला होगा 23 फरवरी 2023 की ये घटना ?
आरोपों के मुताबिक पंजाब के अजनाला का ये पुलिस स्टेशन अमृतपाल की सशस्त्र साजिश का बंधक बना था।
ऐसा हमला हुआ था कि न सिर्फ पंजाब के एक थाने को...बल्कि
देश के इकबाल को चुनौती देने का दुस्साहस हुआ था।
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अमृतपाल ने अपने संगठन वारिस पंजाब दे के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उपद्रव करने के आरोपों में बंद अपने साथी लवप्रीत सिंह तूफान को छुड़वाने के लिए भारत के कानून से भिड़ने की हिमाकत की थी....
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2022 में दुबई से भारत लौटने के बाद से खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर वो पहले से सुरक्षा एजेंसियों के राडार पर था...
लेकिन अजनाला कांड के बाद उसके ऊपर NSA लगा और गिरफ्तारी के बाद से वो असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है।
वहीं से उसने चुनाव लड़ा और कांग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा को हराया है।
ब्रिज पीटूसी -
(भारत का संविधान...कटघरे में खड़े व्यक्ति को चुनाव लड़ने से नहीं रोकता। न सिर्फ अमृतपाल बल्कि एक और खालिस्तान समर्थक सरबजीत सिंह खालसा ने पंजाब में चुनाव जीता है। जम्मू-कश्मीर में भी अलगाववादी इंजीनियर राशिद ने लोकसभा की सदस्यता हासिल की है। लेकिन चुनाव जीतने से किसी को ये अधिकार नहीं मिल जाता कि उस पर अगर कोई कानूनी मामला है तो वो खत्म हो जाए।)
वीओ 3 -
अमृतपाल..जरनैल सिंह भिंडरावाले को अपना आदर्श मानता है।
अमृतपाल ने अपना हुलिया हूबहू भिंडरावाले जैसा बना रखा है।
1980 के आखीर से लेकर 1990 के शुरुआत तक पंजाब में आतंकवाद की आग लगी थी। ये जरनैल सिंह भिंडरावाले की लगाई आग थी।
उसे बुझाने में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की भूमिका हर हिंदुस्तानी जानता है।
बेअंत सिंह को इसकी कीमत अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़़ी थी...।
ये महज संयोग था लेकिन अजब संयोग था...
कि चरणजीत सिंह चन्नी जब अमृतपाल को बैकअप दे रहे थे, तब लोकसभा में बेअंत सिंह के पोते और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू वहां मौजूद थे...
चरणजीत सिंह चन्नी ने अमृतपाल पर अपने बयान के बाद बेअंत सिंह के बलिदान पर भी कांग्रेस का कॉपीराइट बताने की कोशिश की।
चन्नी की इस खुदपरस्ती का जोरदार जवाब रवनीत सिंह बिट्टू ने वहीं के वहीं दे दिया।
टू विंडो बाइट -
(अमृतपाल को 'बैकअप' लेकिन बेअंत पर 'कॉपीराइट'? - hdr
बाइट - चरणजीत सिंह चन्नी
बिट्टू आपके पिताजी शहीद हुए थे। वो उस दिन नहीं मरे। वो उस दिन मरे जिस दिन आपने कांग्रेस छोड़ा।)
बाइट - रवनीत सिंह बिट्टू
मेरे दादा जी ने देश के लिए कुर्बानी दी। सरदार बेअंत सिंह जी...कांग्रेस के लिए कुर्बानी नहीं दी।)
वीओ 4 -
रवनीत सिंह बिट्टू का ये जवाब तो जोरदार था ही...
लेकिन अब सवाल उठ गया है कि
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क्या कांग्रेस नरेंद्र मोदी के विरोध में खालिस्तान मुद्दे को भी हवा दे देगी जबकि खुद उसके हाथ इसमें जल चुके हैं ?
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इंदिरा गांधी की हत्या से भी क्या कांग्रेस ने सबक नहीं सीखा है ?
बाइट - गिरिराज सिंह।
("On Channi's statement, I would only say that Indira Gandhi's assassin was a Khalistani and Congress is supporting Khalistani. Waah re Congress, Jai Channi. This is an attack on India's sovereignty. Action should be taken on this...Congress ka haath, Khalistanion ke saath.")
वीओ 5 -
सवाल सिर्फ अमृतपाल पर NSA लगने को लेकर राजनीति करने और बेअंत सिंह की कुर्बानी पर गैर जिम्मेदार बयान देने की ही नहीं है
पंजाब के किसानों को लेकर भी चन्नी ने जो कहा वो तूफान मचाने वाला था...
बाइट - चरणजीत सिंह चन्नी
(अभी राहुल जी ने कहा कि आप किसानों को खालिस्तानी कहते हो। क्या 4 किसानों पर आपने NSA नहीं लगाया क्योंकि वो धरने पर बैठे थे।)
वीओ 6 -
चन्नी के इस बयान को अथेंटिकेट करने की मांग फौरन हुई।
बाइट - पीयूष गोयल
वीओ 7 -
चरणजीत सिंह चन्नी लोकसभा में कांग्रेस की ओर से बजट पर पक्ष रखने आए थे।
बजट में बिहार और आंध्र प्रदेश को छोड़कर अन्य राज्यों से भेदभाव के आरोप विपक्ष पहले से लगा रहा है।
23 जुलाई को बजट भाषण के बाद से ही क्षेत्रीय दीवार खड़ी की जा रही है।
जाहिर है कि बजट पर दो टूक बात तो पीछे छूट गई है
विपक्ष के कैंपेन में पहले क्षेत्रीय बंटवारा दिखा...
और अब पंजाब के नाम पर खालिस्तान का समर्थन करने के आरोपियों पर भी प्रेम उमड़ आया है।
बाइट - रवनीत सिंह बिट्टू
वीओ 8 -
इस बीच जब संसद से अमृतपाल को बैकअप देने की कोशिश दिखी तो ये बात विपक्ष के इंडिया गठबंधन में शामिल आम आदमी पार्टी को भी हजम नहीं हुई।
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है। अमृतपाल पर NSA लगाने में उनकी भूमिका है।
बाइट - भगवंत सिंह मान, मुख्यमंत्री, पंजाब।
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चरणजीत चन्नी ने संसद में जो बोला ये उनका स्टैंड है लेकिन पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने के लिए जो कोशिशें करनी हैं, वो हम कर रहे हैं। मैं किसी एक सांसद का नहीं बल्कि साढ़े 3 करोड़ लोगों का कस्टोडियन हूं।)
वीओ 9 -
अमृतपाल के सांसद बन जाने के नाम पर उसे खुली छूट देने के खतरे पंजाब की सरकार चला रहे भगवंत मान बखूबी समझते हैं।
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अमृतपाल 9 साल तक दुबई में रहा है। वहां वो ट्रक ड्राइवर था।
उसकी जिंदगी सामान्य थी।
लेकिन आरोपों के मुताबिक जब उसके संबंध खालिस्तान समर्थकों से हुए वहां से सब बदल गया।
बताया जाता है कि अमृतपाल 'इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन' के प्रमुख लखबीर सिंह के संपर्क में आया।
2022 में जब वो भारत आया...तब तक हादसे में मारे गए पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू के संगठन वारिस पंजाब दे में उसकी पैठ बन गई थी।
वारिस पंजाब दे पर अधिकार जमाकर अमृतपाल ने उसे खालिस्तानी गतिविधियों का एक फ्रंट बना दिया...ऐसा आरोप अब उस पर है।
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सवाल है कि ऐसे आरोपों वाले व्यक्ति के साथ खड़़े होने का जोखिम कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी जैसे नेता क्यों ले रहे हैं ?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी क्या ये कह सकते हैं कि चन्नी ने जो कहा वो सही कहा ?
यही चन्नी जब 2022 में पंजाब के मुख्यमंत्री थे...तब पाकिस्तान सीमा से सिर्फ कुछ किलोमीटर दूर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले पर खालिस्तानियों से सुरक्षा पर खतरा पैदा किया गया था।
चन्नी ने तब भी गैर जिम्मेदार बयान दिए थे...और आज भी अपने बयान पर उनको कोई अफसोस नहीं। बल्कि वो बात घुमा रहे हैं।
एम्बियंस बाइट - चन्नी
("मैंने गरीबों, किसानों के बारे में बात की कि कैसे किसानों को MSP पर वादा पूरा नहीं किया जा रहा है। मैंने पूरे बजट के बारे में, देश की स्थिति के बारे में और जिस तरह से देश आर्थिक रूप से डूब रहा है, उसके बारे में बात की।")
वीओ 10 -
वैसे चन्नी जब ये बड़ी-बड़ी बात कर रहे हैं...तो उन्हें लेकर रवनीत सिंह बिट्टू की जबान भी बहुत तीखी है...
एम्बियंस बाइट - रवनीत सिंह बिट्टू
(मुझे पता है ये सबसे अमीर आदमी है।
इस पर मीटू है....)
(ट्रांजीशन शॉट्स)
ब्यूरो रिपोर्ट, टाइम्स नाउ नवभारत।
(25 जुलाई 2024 को टाइम्स नाउ नवभारत पर प्रसारित न्यूज स्टोरी की स्क्रिप्ट
स्क्रिप्ट - अभय श्रीवास्तव)
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